Jai Jai Shri

आचार्य श्री हित निमिष गोस्वामी जी महाराज
Divine Lineage
श्री हित कुल वंश परंपरा के 19वें आचार्य के रूप में महाराज श्री, अपने पूर्वज आचार्यों द्वारा स्थापित मर्यादा और प्रेम-भक्ति के सिद्धांतों का संवर्धन कर रहे हैं।
श्री राधावल्लभ संप्रदाय के प्रतिष्ठित आचार्य श्री हित निमिष गोस्वामी जी महाराज, एक गौरवशाली और दिव्य आचार्य परंपरा के संवाहक हैं। महाराज जी सुप्रसिद्ध आचार्य श्री हित प्रमोद चंद्र गोस्वामी जी महाराज के पौत्र तथा श्री हित आचार्य श्री हित मनमोहन लाल गोस्वामी जी महाराज के सुपुत्र हैं।
महाराज जी, भगवान श्रीकृष्ण के बंसी (वंशी) अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु के वंशज हैं। श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने ही वृन्दावन धाम में विश्वविख्यात श्री राधावल्लभ मंदिर की स्थापना की थी तथा स्वयं श्री राधावल्लभ लाल की अष्टयाम सेवा के द्वारा निरंतर आराधना की।
महाराज जी के सान्निध्य में श्री राधावल्लभ लाल जी को श्रद्धा एवं विधिपूर्वक अष्टयाम सेवा अर्पित की जाती है। उनके उपदेश न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि साधकों को प्रिया–प्रियतम श्री राधावल्लभ लाल जी की निष्काम सेवा और भक्ति के पथ पर अग्रसर करते हैं।
वृन्दावन महिमामृत
Divine discourses on Braj Dham glory.
प्रेम-भक्ति पथ
Guiding lost souls towards devotion.
"ब्रज की माधुर्य भक्ति और सरलता ही रसिक परंपरा की स्पष्ट झलक है।"